Posted by admin on 2026-10-06 11:03:00 |
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पटना: बिहार के राशन कार्ड धारकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी एक महत्वपूर्ण राहत सामने आई है। राज्य सरकार की योजना के तहत पात्र राशन कार्ड परिवारों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से हर साल 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सकती है। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड बनवाना जरूरी है।
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने के दौरान होने वाले बड़े चिकित्सा खर्च से राहत देना है। बिहार में आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। राज्य की आधिकारिक योजना के अनुसार, पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाता है।
यदि आपके परिवार के पास वैध राशन कार्ड है, तो सबसे पहले यह जांचना जरूरी है कि आपका नाम संबंधित लाभार्थी सूची में शामिल है या नहीं। इसके लिए लाभार्थी PM-JAY के आधिकारिक पोर्टल या Ayushman App का इस्तेमाल कर सकते हैं।
ऑनलाइन जांच के लिए लाभार्थी को अपना मोबाइल नंबर दर्ज करके OTP के माध्यम से लॉगिन करना होगा। इसके बाद बिहार राज्य, संबंधित योजना और जिले का चयन किया जा सकता है। परिवार की पहचान के लिए राशन कार्ड नंबर, आधार नंबर या उपलब्ध Family ID का उपयोग करके पात्रता की जानकारी देखी जा सकती है।
यदि लाभार्थी सूची में आपका नाम दिखाई देता है, तो कार्ड बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
ऑनलाइन प्रक्रिया में आम तौर पर निम्न चरण शामिल हैं:
PM-JAY के लाभार्थी पोर्टल पर जाएं।
अपने मोबाइल नंबर से OTP के जरिए लॉगिन करें।
बिहार और संबंधित योजना का चयन करें।
राशन कार्ड या आधार के माध्यम से परिवार की जानकारी खोजें।
अपने नाम के सामने उपलब्ध e-KYC/Action विकल्प चुनें।
आधार OTP, फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए पहचान सत्यापित करें।
e-KYC पूरा होने के बाद उपलब्ध होने पर आयुष्मान कार्ड डाउनलोड करें।
इस प्रक्रिया का फायदा यह है कि पात्र व्यक्ति को कार्ड बनवाने के लिए हर स्थिति में किसी कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।
अगर किसी व्यक्ति को ऑनलाइन प्रक्रिया समझने या पूरा करने में परेशानी होती है, तो ऑफलाइन माध्यम से भी सहायता ली जा सकती है।
लाभार्थी अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर PDS यानी राशन दुकानों के डीलर भी e-KYC की प्रक्रिया में सहायता कर रहे हैं।
सरकारी अस्पतालों में मौजूद आयुष्मान मित्र से भी कार्ड और योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। ऑफलाइन केंद्र पर जाते समय आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज साथ रखना उपयोगी रहेगा।
आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल केवल सरकारी अस्पतालों तक सीमित नहीं है। योजना में शामिल कई निजी अस्पतालों में भी पात्र लाभार्थी निर्धारित उपचार का लाभ ले सकते हैं।
अपने जिले में योजना से जुड़े अस्पतालों की जानकारी प्राप्त करने के लिए बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति या PM-JAY के अस्पताल खोजने वाले पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहां राज्य, जिला, अस्पताल के प्रकार और चिकित्सा विशेषज्ञता के आधार पर अस्पताल खोजने की सुविधा उपलब्ध है।
बिहार की आधिकारिक योजना जानकारी के अनुसार, PM-JAY के तहत द्वितीयक और तृतीयक स्तर की अस्पताल सेवाओं के लिए 5 लाख रुपये प्रति परिवार प्रति वर्ष तक का कवर उपलब्ध है। इसमें निर्धारित पैकेज के अनुसार इलाज, दवाएं, जांच, अस्पताल में भर्ती और संबंधित चिकित्सा सेवाएं शामिल हो सकती हैं।
यह समझना जरूरी है कि 5 लाख रुपये की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में नहीं दी जाती। यह योजना पात्र परिवारों को निर्धारित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कैशलेस स्वास्थ्य कवर प्रदान करती है।
यानी पात्र व्यक्ति योजना में शामिल अस्पताल में निर्धारित उपचार प्राप्त कर सकता है और संबंधित खर्च योजना के नियमों के अनुसार कवर किया जाता है। हर बीमारी या हर प्रकार की चिकित्सा सेवा स्वतः मुफ्त नहीं होती; उपचार योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध पैकेज और पात्रता के अनुसार मिलता है।
बिहार में आयुष्मान कार्ड की पहुंच लगातार बढ़ी है। फरवरी 2026 तक राज्य में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लगभग 4.14 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके थे, जो करीब 1.69 करोड़ परिवारों को कवर करते हैं। इसी समीक्षा में 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के करीब 3.87 लाख वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान वय वंदना कार्ड मिलने की जानकारी भी दी गई थी।
केंद्र सरकार ने भी 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए, उनकी आय की परवाह किए बिना, AB-PMJAY के तहत स्वास्थ्य कवरेज का विस्तार किया है। ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जा सकता है।
अगर आप बिहार के राशन कार्ड धारक हैं, तो सबसे पहले अपनी पात्रता जांचें। पात्रता मिलने पर जल्द से जल्द आयुष्मान कार्ड बनवाना बेहतर है, ताकि जरूरत पड़ने पर योजना का लाभ लिया जा सके।
कार्ड बनवाने से पहले हमेशा आधिकारिक सरकारी पोर्टल या अधिकृत केंद्र से जानकारी सत्यापित करें। योजना के नियम, पात्रता और अस्पतालों की सूची समय के साथ बदल सकती है।
बिहार में राशन कार्ड धारकों के लिए आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना स्वास्थ्य खर्च के मामले में महत्वपूर्ण आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर सकती है। पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिल सकता है, जिससे गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में जेब से होने वाला खर्च कम करने में मदद मिलती है।
अगर आपका नाम लाभार्थी सूची में है, तो ऑनलाइन e-KYC के जरिए या नजदीकी CSC, PDS डीलर अथवा सरकारी अस्पताल की सहायता से आयुष्मान कार्ड बनवाया जा सकता है।
नोट: योजना का लाभ पात्रता और निर्धारित उपचार पैकेज के अनुसार मिलता है। कार्ड बनवाने या इलाज कराने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान नियमों और सूचीबद्ध अस्पताल की जानकारी जरूर जांचें।