जुएल ओराम का बड़ा दावा: पार्टी के कुछ नेता उन्हें मंत्री पद से हटाने की कोशिश में जुटे

Politics National

Posted by admin on 2026-08-29 07:15:08 |

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जुएल ओराम का बड़ा दावा: पार्टी के कुछ नेता उन्हें मंत्री पद से हटाने की कोशिश में जुटे

केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता जुएल ओराम ने अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि पार्टी के भीतर कुछ लोग उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटवाने और उनकी राजनीतिक छवि खराब करने के लिए उनके खिलाफ अभियान चला रहे हैं। ओराम के इस बयान के बाद ओडिशा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा विवाद

यह मामला ओराम के करीबी सहयोगी राकेश पासवान की गिरफ्तारी के बाद सामने आया। ओडिशा के राउरकेला में पुलिस ने पासवान को संगठित अपराध से जुड़े एक मामले में हिरासत में लिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक सरकारी गेस्ट हाउस में अपराध से जुड़े लोगों को ठहरने की जगह दी थी। हालांकि, राकेश पासवान ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है।

इस मामले पर जुएल ओराम ने पहले कहा था कि कानून को अपना काम करना चाहिए और उन्हें कानूनी प्रक्रिया पर कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद उन्होंने पार्टी के भीतर अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश की जा रही है।

मंत्री पद को लेकर गुटबाजी का आरोप

सुंदरगढ़ लोकसभा सीट से छह बार सांसद रह चुके ओराम का कहना है कि भाजपा के कुछ नेता उन्हें बदनाम करने के लिए बड़े पैमाने पर पैसा खर्च कर रहे हैं। उनके अनुसार, इन नेताओं का उद्देश्य उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर करवाना है ताकि उनकी जगह खुद मंत्री बनने का रास्ता साफ हो सके।

ओराम ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों ने उन्हें अपना फैसला बदलने के लिए मजबूर किया है। पहले उन्होंने अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का मन बनाया था, लेकिन अब उन्होंने 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने संकेत दिया कि वह अपने राजनीतिक विरोधियों का मुकाबला सीधे तौर पर करेंगे।

जांच कराने और दोषियों का पता लगाने की बात

ओराम ने कहा कि वह इस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश करेंगे और यह पता लगाएंगे कि उनके खिलाफ कथित दुष्प्रचार के पीछे कौन लोग हैं। उन्होंने इस संबंध में ओडिशा भाजपा के संगठन महामंत्री के सामने भी अपनी शिकायत रखे जाने की बात कही।

हालांकि, इसी दौरान ओराम की ओर से दिया गया एक बेहद तीखा बयान विवाद का विषय बन गया। उन्होंने अपने खिलाफ अभियान चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही और ‘हाथ काट देने’ जैसी भाषा का इस्तेमाल किया। इस बयान ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया।

विपक्ष ने भाजपा पर साधा निशाना

ओराम के बयान के बाद ओडिशा के विपक्षी दलों ने भाजपा पर हमला तेज कर दिया। बीजू जनता दल की नेता प्रमिला मलिक ने कहा कि इस घटना से भाजपा के भीतर मौजूद मतभेद सामने आ रहे हैं। उनका आरोप है कि पार्टी के नेता जनता के मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय आपसी संघर्ष में उलझे हुए हैं।

वहीं, ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने ओराम की भाषा को आपत्तिजनक बताते हुए इसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसक भाषा के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

फिलहाल, जुएल ओराम के आरोपों और उनके तीखे बयान ने ओडिशा भाजपा के भीतर कथित गुटबाजी को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।



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