Posted by vipulnaik on 2026-02-19 05:15:44 |
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अधिकारियों की अनुपस्थिति और सुविधाओं का मुद्दा
वक्ता ने सेकंड सीओ साहब को संबोधित करते हुए सीओ साहब की लगातार अनुपस्थिति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सीओ साहब को 'एक दिन छोड़कर एक दिन आने' का कहा गया था, लेकिन वे सोमवार और आज भी नहीं आए। साथ ही, उन्होंने सफाई कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं—जैसे ड्रेस, फावड़े, गमेले, बूट, चप्पल और महिलाओं को मिलने वाली साड़ियों—के वितरण का ब्यौरा मांगा है।
लॉटरी सिस्टम और स्थानांतरण का विरोध
वक्ता ने तबादलों के लिए लागू किए गए 'लॉटरी सिस्टम' का विरोध किया है। उन्होंने लॉटरी के चिट्ठे और उससे जुड़ी जीआर (सरकारी आदेश) को मीडिया के सामने पेश करने की मांग की। जब अधिकारियों ने इसे रद्द बताया, तो वक्ता ने पूछा कि आखिर किसके आदेश पर यह बनाया गया था और किसके आदेश पर रद्द किया गया। उन्होंने इस पूरे प्रक्रिया को मनमाना और असंवैधानिक बताया।
रमजान अभियान और अधिकारिता का सवाल
रमजान के दौरान मुस्लिम इलाकों में चलाए जा रहे सफाई अभियान पर सवाल उठाते हुए वक्ता ने कहा कि सफाई जरूरी है, लेकिन नगर सेवकों के कहने पर बिना किसी आधिकारिक आदेश के ऐसा करना गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों का मालिक सरकार और अधिकारी हैं, न कि नगर सेवक, इसलिए कर्मचारी किसी नगर सेवक की मनमानी नहीं मानेंगे।
वित्तीय अनियमितता और पेंशन धनराशि
सबसे बड़ा आरोप वक्ता ने वित्तीय गड़बड़ी पर लगाया है। उन्होंने सवाल पूछा है कि मलेरिया खाते और पेंशन बिक्री के तहत आए 11 करोड़ 36 लाख रुपये कहां गए? उन्होंने आरोप लगाया कि 51 कर्मचारियों को तो पेंशन बिक्री का पैसा मिला, लेकिन बाकी शेष राशि का क्या किया गया? उन्होंने इसका हिसाब-किताब और अकाउंटेंट को बुलाने की मांग की।
कर्मचारियों की कमी और अपमान का विरोध
वक्ता ने नगर पालिका में सफाई कर्मचारियों की भारी कमी की ओर ध्यान आकर्षित किया, यह बताते हुए कि बड़े शहर के लिए कर्मचारी काफी कम हैं। साथ ही, एक नगर सेवक के पति द्वारा सोशल मीडिया पर कर्मचारियों की तस्वीरें डालकर अपमानित करने के मामले में सख्त कार्रवाई और एट्रॉसिटी एक्ट लगाने की धमकी दी गई है।
लंबित मेडिकल बिल और बाबा साहब का संदर्भ
अंत में, वक्ता ने एक वरिष्ठ कर्मचारी के बायपास सर्जरी के एक साल से लंबित मेडिकल बिल को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने बाबा साहब डॉ. आंबेडकर और संविधान का हवाला देते हुए अधिकारियों से अनुशासन और कानून के अनुसार काम करने की अपील की है।